बौद्ध धर्म — बुद्ध, संगीतियाँ और सम्प्रदाय

चार आर्य सत्य · अष्टांगिक मार्ग · 4 संगीतियाँ · त्रिपिटक | UPSC GS पेपर I

KnowledgeKnot में आपका स्वागत है! इसे अपने मित्रों के साथ साझा करें।

📋 प्राचीन इतिहास श्रृंखला

← जैन धर्म  |  मौर्य साम्राज्य →

🌐 Read in English

बुद्ध का जीवन — प्रमुख घटनाएं

घटनास्थानविवरण
जन्मलुम्बिनी (नेपाल)563 ई.पू.; माता माया देवी; पिता शुद्धोदन (शाक्य राजा)
बचपनकपिलवस्तुनाम सिद्धार्थ गौतम; 'जाति' — शाक्य; 'मुनि' — शाक्यमुनि
विवाहयशोधरा से; पुत्र राहुल
महाभिनिष्क्रमण29 वर्ष में चार दृश्यों (वृद्ध, रोगी, मृत, साधु) देखकर गृह त्याग
बोधि (ज्ञान)बोधगया35 वर्ष में बोधि वृक्ष (पीपल) के नीचे 49 दिन की तपस्या
प्रथम उपदेश (धर्मचक्रप्रवर्तन)सारनाथ5 ब्राह्मणों को; 'मृगदाव' (हिरण वन) में
महापरिनिर्वाणकुशीनारा483 ई.पू.; 80 वर्ष की आयु में

🧠 स्मृति सूत्र: "लुम्बिनी में जन्म, बोधगया में ज्ञान, सारनाथ में उपदेश, कुशीनारा में निर्वाण"
"लु बो सा कु"

चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग

चार आर्य सत्य (Four Noble Truths):

1. दुःख सत्य — जीवन में दुःख है
2. समुदय सत्य — दुःख का कारण है (तृष्णा/लालसा)
3. निरोध सत्य — दुःख का अंत संभव है (निर्वाण)
4. मार्ग सत्य — दुःख समाप्त करने का मार्ग है (अष्टांगिक मार्ग)

#मार्ग (अंग)श्रेणीअर्थ
1सम्यक् दृष्टिप्रज्ञासत्य को सही ढंग से देखना
2सम्यक् संकल्पप्रज्ञासकारात्मक विचार और इरादे
3सम्यक् वाक्शीलसत्य और दयालु वाणी
4सम्यक् कर्मांतशीलसही आचरण (अहिंसा, सत्य, ब्रह्मचर्य)
5सम्यक् आजीवशीलउचित आजीविका
6सम्यक् व्यायामसमाधिबुरे विचारों को हटाने का प्रयास
7सम्यक् स्मृतिसमाधिशरीर व मन के प्रति जागरूकता
8सम्यक् समाधिसमाधिगहन ध्यान

चार बौद्ध संगीतियाँ

संगीतिसमयस्थानअध्यक्षपरिणाम
प्रथम483 ई.पू.राजगृहमहाकश्यपअजातशत्रु का संरक्षण; विनयपिटक व सुत्तपिटक संकलित
द्वितीय383 ई.पू.वैशालीशबाकामीकालाशोक का संरक्षण; अनुशासन विवाद; स्थविर-महासांघिक विभाजन
तृतीय250 ई.पू.पाटलिपुत्रमोग्गलिपुत्त तिस्सअशोक का संरक्षण; अभिधम्मपिटक जोड़ा; विदेशों में प्रचार
चतुर्थ~78 ई.कुण्डलवन (कश्मीर)वसुमित्र (उपाध्यक्ष: अश्वघोष)कनिष्क का संरक्षण; हीनयान-महायान का औपचारिक विभाजन

हीनयान, महायान और वज्रयान — तुलना

विशेषताहीनयान (थेरवाद)महायानवज्रयान
अर्थछोटा वाहन / प्राचीन मार्गबड़ा वाहनहीरे का वाहन
बुद्ध की अवधारणाऐतिहासिक व्यक्ति, मार्गदर्शकदेवता, अनेक बुद्ध और बोधिसत्वतांत्रिक बुद्ध
लक्ष्यअर्हत (व्यक्तिगत मोक्ष)बोधिसत्व (सबकी मुक्ति)सिद्धि (तांत्रिक साधना)
भाषापालिसंस्कृतसंस्कृत/तिब्बती
ग्रंथत्रिपिटकसद्धर्म पुंडरीक, प्रज्ञापारमितागुह्यसमाज, हेवज्र
मूर्तिपूजानहीं (प्रतीक — पदचिह्न, बोधिवृक्ष)हाँहाँ
प्रचार क्षेत्रश्रीलंका, म्यांमार, थाइलैंडचीन, जापान, कोरिया, वियतनामतिब्बत, मंगोलिया, भूटान

त्रिपिटक — बौद्ध धर्मग्रंथ

विनय पिटक (अनुशासन):

संघ के नियम — भिक्षु और भिक्षुणी के लिए आचार संहिता
5 भाग: पाराजिक, पाचित्तिय, महावग्ग, चुल्लवग्ग, परिवार

सुत्त पिटक (उपदेश):

बुद्ध के उपदेशों का संकलन
5 निकाय: दीघ निकाय, मज्झिम निकाय, संयुत्त निकाय, अंगुत्तर निकाय, खुद्दक निकाय
जातक कथाएँ (547) — बुद्ध के पूर्वजन्मों की कहानियाँ (खुद्दक निकाय में)

अभिधम्म पिटक (दर्शन):

दार्शनिक विश्लेषण एवं बौद्ध मनोविज्ञान
तृतीय बौद्ध संगीति (अशोक काल) में त्रिपिटक में जोड़ा गया

🧠 भाषा: पालि (थेरवाद परंपरा)

📖 मिलिंदपन्हो: यूनानी राजा मिनांडर (मिलिंद) और बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच प्रश्नोत्तर संवाद — बौद्ध दर्शन का प्रसिद्ध ग्रंथ

बौद्ध कला एवं स्थापत्य

प्रकारविवरणप्रमुख उदाहरण
स्तूपबुद्ध के अवशेषों पर निर्मित गुम्बदाकार संरचनासाँची (मध्य प्रदेश) — सबसे प्रसिद्ध; भरहुत; अमरावती; धमेख स्तूप (सारनाथ)
चैत्यपूजा गृह (प्रार्थना हॉल)कार्ले (महाराष्ट्र) — सबसे बड़ा शैलकृत चैत्य
विहारभिक्षुओं का निवास स्थाननालंदा — विश्व का प्रथम आवासीय विश्वविद्यालय; विक्रमशिला

बुद्ध के प्रतीक चिह्न:

जन्म = कमल / बैल
ज्ञान (बोधि) = बोधिवृक्ष (पीपल)
प्रथम उपदेश = धर्मचक्र
महापरिनिर्वाण = स्तूप / पदचिह्न

बौद्ध धर्म का पतन — कारण

भारत में बौद्ध धर्म के पतन के प्रमुख कारण:

ब्राह्मणवाद का पुनरुत्थान: शंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत के माध्यम से हिंदू धर्म को पुनर्जीवित किया
बौद्ध संघ में भ्रष्टाचार: भिक्षुओं ने विलासिता अपनाई; अनुशासन शिथिल हुआ
राजकीय संरक्षण की कमी: गुप्त काल में हिंदू पुनरुत्थान; बौद्ध धर्म को राजकीय सहायता घटी
वज्रयान और तांत्रिक प्रथाएँ: बौद्ध धर्म में तंत्र-मंत्र का प्रवेश; जनता से दूरी बढ़ी
तुर्क आक्रमण: बख्तियार खिलजी (1193 ई.) ने नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों को नष्ट किया
हिंदू धर्म में समाहित: हिंदू धर्म ने बुद्ध को विष्णु का 9वाँ अवतार स्वीकारा — बौद्ध धर्म की अलग पहचान कमज़ोर हुई

त्वरित पुनरीक्षण

✅ प्रारंभिक परीक्षा के लिए अनिवार्य

बुद्ध का जन्म: 563 ई.पू., लुम्बिनी
ज्ञान: बोधगया (पीपल वृक्ष के नीचे)
प्रथम उपदेश: सारनाथ (धर्मचक्रप्रवर्तन)
निर्वाण: कुशीनारा, 483 ई.पू.
त्रिपिटक: विनय + सुत्त + अभिधम्म; पाली भाषा में
तृतीय संगीति — अशोक; पाटलिपुत्र; मोग्गलिपुत्त
चतुर्थ संगीति — कनिष्क; कश्मीर; वसुमित्र
महायान — बोधिसत्व आदर्श; बुद्ध की मूर्तियाँ
हीनयान — व्यक्तिगत मुक्ति; थेरवाद

📖 आगे पढ़ें

मौर्य साम्राज्य →

Suggetested Articles