सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन (19वीं–20वीं सदी)

हिंदू सुधार | मुस्लिम सुधार | पारसी-सिख-दलित सुधार | सामाजिक कानून | UPSC GS पेपर I

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हिंदू सुधार आंदोलन

संगठनसंस्थापक / वर्षमुख्य उपलब्धियाँ
ब्रह्म समाजराजा राममोहन राय, 1828, कलकत्तामूर्तिपूजा का विरोध; सती प्रथा उन्मूलन (1829) में भूमिका; विधवा विवाह समर्थन; महिला शिक्षा; 'आधुनिक भारत का पिता'
प्रार्थना समाजआत्माराम पांडुरंग, 1867, मुंबईमहादेव गोविन्द रानाडे; विधवा विवाह; बाल विवाह विरोध; महाराष्ट्र में हिंदू सुधार
आर्य समाजस्वामी दयानंद सरस्वती, 1875, मुंबई'वेदों की ओर लौटो'; मूर्तिपूजा-जातिवाद का विरोध; शुद्धि आंदोलन (वापसी); DAV स्कूल-कॉलेज; 'सत्यार्थ प्रकाश'; गोरक्षा पर जोर
रामकृष्ण मिशनस्वामी विवेकानंद, 1897, बेलूर मठरामकृष्ण परमहंस की शिक्षाओं पर; सेवा ही पूजा; 1893 — शिकागो विश्व धर्म संसद में ऐतिहासिक भाषण; 'उठो, जागो, लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको'
थियोसोफिकल सोसाइटीमैडम ब्लावात्स्की + कर्नल ओल्कॉट, 1875 (NY); भारत — 1882 मद्रासएनी बेसेंट (1907 से); हिंदू-बौद्ध रहस्यवाद को पश्चिम से जोड़ा; INC से जुड़ाव
सत्यशोधक समाजज्योतिबा फुले, 1873, पुणेब्राह्मण वर्चस्व का विरोध; अछूत-महिला शिक्षा; पहली महिला पाठशाला (1848 — सावित्रीबाई फुले के साथ); 'गुलामगिरी'

मुस्लिम सुधार आंदोलन

आंदोलननेताविशेषता
वहाबी आंदोलनसैयद अहमद बरेलवी (1786–1831)शुद्ध इस्लाम की ओर; ब्रिटिश विरोधी; शिरक (मूर्तिपूजा) का विरोध; पंजाब-पश्चिमोत्तर सीमा तक
अलीगढ़ आंदोलनसर सैयद अहमद खान (1817–98)आधुनिक पश्चिमी शिक्षा; ब्रिटिश शासन से सहयोग; मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज, अलीगढ़ (1875); भारतीय मुसलमानों को INC से दूर रखा
देवबंद आंदोलनमौलाना मुहम्मद कासिम नानौत्वी, 1867, सहारनपुरपारंपरिक इस्लामी शिक्षा; ब्रिटिश विरोधी; महमूद-उल-हसन — रेशमी रूमाल षड्यंत्र
अहमदिया आंदोलनमिर्जा गुलाम अहमद, 1889, पंजाबस्वयं को पैगंबर का अवतार घोषित; सुन्नी-शिया दोनों ने अस्वीकार किया; पाकिस्तान में गैर-मुस्लिम घोषित

सामाजिक सुधार — फुले, नारायण गुरु, पेरियार

→ ज्योतिबा फुले (महाराष्ट्र): 'महात्मा फुले'; ब्राह्मणवाद और जातिवाद का विरोध; 1848 में पहली बालिका शाला (सावित्रीबाई के साथ); 'गुलामगिरी' (1873) — दलित-किसान समस्याओं पर
→ श्री नारायण गुरु (केरल, 1856–1928): इझवा जाति; 'एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर'; SNDP योगम (1903); मंदिर सुधार; दलितों के मंदिर प्रवेश के लिए संघर्ष
→ ई.वी. रामासामी नायकर 'पेरियार' (तमिलनाडु): Self-Respect Movement (1925); ब्राह्मण वर्चस्व और हिंदी थोपे जाने का विरोध; द्रविड़ कडगम की नींव

सामाजिक कानून

कानूनवर्षविवरण
सती प्रथा उन्मूलन अधिनियम1829लॉर्ड विलियम बेंटिंक; राजा राममोहन राय के प्रयास से; सती को दंडनीय अपराध बनाया
हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम1856लॉर्ड डलहौजी; ईश्वरचंद्र विद्यासागर के आंदोलन से
शारदा अधिनियम (बाल विवाह निरोधक)1929विवाह की न्यूनतम आयु — लड़की 14 वर्ष, लड़का 18 वर्ष; हर बिलास शारदा के नाम पर

महिला सुधार — प्रमुख व्यक्तित्व

व्यक्तित्वप्रमुख योगदान
ईश्वर चंद्र विद्यासागरविधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856 पारित कराया; बेथुन स्कूल — बालिका शिक्षा का अग्रदूत; संस्कृत कॉलेज में सुधार
पंडिता रमाबाईशारदा सदन (1889) — विधवाओं और निराश्रित महिलाओं के लिए; 'द हाई-कास्ट हिंदू वुमन' पुस्तक; ब्रिटिश संसद को संबोधित करने वाली प्रथम भारतीय महिलाओं में
ताराबाई शिंदे'स्त्री पुरुष तुलना' (1882) — भारत के प्रथम नारीवादी लेखों में; पुरुष-प्रधान समाज पर तीखा प्रहार
बेगम रुकैया सखावत हुसैनसखावत मेमोरियल स्कूल (1911); 'सुल्ताना का सपना' — नारीवादी विज्ञान कथा; पर्दा प्रथा का विरोध
सावित्रीबाई फुलेभारत की पहली महिला शिक्षिका (1848); ज्योतिबा फुले के साथ बालिका शाला; दलित-महिला उत्थान में अग्रणी

छापाखाना और शैक्षणिक संस्थाएँ

संस्था / पत्रिकासंस्थापक / वर्षविशेषता
संवाद कौमुदी (1821)राजा राम मोहन रायबांग्ला साप्ताहिक; सती प्रथा-विरोधी प्रचार; सामाजिक सुधारों का प्रमुख मंच
हिंदू कॉलेज (1817)राम मोहन राय, डेविड हेयरकलकत्ता; पश्चिमी शिक्षा का प्रसार; 'यंग बंगाल' आंदोलन की नींव
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालयसर सैयद अहमद खान1875 में MAO कॉलेज → 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU); मुसलमानों में आधुनिक शिक्षा
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (1916)मदन मोहन मालवीय + एनी बेसेंटहिंदू शिक्षा और राष्ट्रवाद का केंद्र; भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों में

सुधार आंदोलनों का प्रभाव

→ आधुनिक भारतीय पुनर्जागरण: 19वीं सदी के सुधार आंदोलनों ने भारत में नवजागरण का सूत्रपात किया
→ सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता: सती, बाल विवाह, अस्पृश्यता, पर्दा प्रथा जैसी कुरीतियों पर प्रहार
→ महिला शिक्षा: बालिका शालाएँ, विधवा पुनर्वास, महिलाओं की सार्वजनिक भागीदारी बढ़ी
→ राष्ट्रवाद की नींव: सामाजिक सुधार ने राजनीतिक चेतना जगाई; INC और स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका तैयार हुई
→ क्षेत्रीय भाषाओं का विकास: सुधारकों ने बांग्ला, मराठी, हिंदी, उर्दू आदि में लेखन-प्रकाशन किया; जन-जागृति का माध्यम बनी

त्वरित पुनरीक्षण

📝 एक नज़र में याद रखें:
ब्रह्म समाज — राजा राममोहन राय, 1828
आर्य समाज — दयानंद सरस्वती, 1875; 'वेदों की ओर लौटो'
रामकृष्ण मिशन — विवेकानंद, 1897; शिकागो 1893
अलीगढ़ — सर सैयद, 1875 MAO → 1920 AMU
सती उन्मूलन — 1829; विधवा पुनर्विवाह — 1856
सावित्रीबाई फुले — प्रथम महिला शिक्षिका, 1848
पंडिता रमाबाई — शारदा सदन, 1889
BHU — 1916; हिंदू कॉलेज — 1817
पेरियार — Self-Respect Movement, 1925
शारदा अधिनियम — 1929; बाल विवाह निरोध

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