हर्षवर्धन और उत्तर-गुप्त काल के राजवंश
606–750 ई. | पुष्यभूति वंश, पल्लव, चालुक्य, राष्ट्रकूट | UPSC GS पेपर I
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हर्षवर्धन (606–647 ई.)
→ राजवंश: पुष्यभूति / वर्धन वंश; राजधानी — थानेश्वर, फिर कन्नौज
→ राज्याभिषेक: 606 ई. में शासन संभाला; अपनी बहन राज्यश्री को बचाने के बाद
→ विजय: समस्त उत्तर भारत पर नियंत्रण — पंचभारत के अधिपति; दक्षिण में चालुक्य राजा पुलकेसी II से पराजित (नर्मदा युद्ध, ~620 ई.)
→ चीनी यात्री: ह्वेनसांग (Xuanzang) 629–645 ई. भारत में रहे; हर्ष की धर्मनिष्ठा और प्रजावत्सलता का वर्णन
→ कन्नौज सभा (643 ई.): विशाल धार्मिक सभा; ह्वेनसांग के सम्मान में; 20 देशों के राजा उपस्थित
→ साहित्य: हर्ष स्वयं कवि — 'नागानंद', 'रत्नावली', 'प्रियदर्शिका' नाटकों के रचयिता
→ मृत्यु: 647 ई.; निःसंतान मृत्यु → साम्राज्य विघटित
नालंदा विश्वविद्यालय: बिहार में; विश्व का प्राचीनतम आवासीय विश्वविद्यालय; 10,000+ छात्र; बौद्ध अध्ययन केंद्र; हर्ष ने इसे संरक्षण और अनुदान दिया; 1197 ई. में बख्तियार खिलजी ने नष्ट किया
पल्लव वंश (275–897 ई.)
| शासक | काल | उपलब्धियाँ |
|---|
| सिंहविष्णु | 575–600 | पल्लव साम्राज्य की शुरुआत; चोलों को परास्त किया |
| महेंद्रवर्मन I | 600–630 | चालुक्यों से संघर्ष; गुफा मंदिर शैली की शुरुआत; 'मत्तविलास प्रहसन' के रचयिता |
| नरसिंहवर्मन I (महामल्ल) | 630–668 | चालुक्य पुलकेसी II को परास्त किया (642 ई.); 'वातापीकोण्ड' उपाधि; महाबलिपुरम के रथ मंदिर बनवाए; चीन को दूत भेजे |
| नरसिंहवर्मन II | 690–728 | कांचीपुरम का कैलाशनाथ मंदिर; शोर टेम्पल — पत्थर से निर्मित द्रविड़ शैली |
चालुक्य वंश
बादामी के चालुक्य (543–757 ई.) — मुख्य शाखा:
→ पुलकेसी I (543): संस्थापक; वातापी (बादामी) राजधानी
→ पुलकेसी II (609–642): सर्वश्रेष्ठ शासक; हर्षवर्धन को नर्मदा के तट पर रोका; फारस के राजदूत — ऐहोल शिलालेख में वर्णन; अंत में पल्लव नरसिंहवर्मन से पराजित और वध
→ विक्रमादित्य II (733–744): पल्लवों को परास्त किया; कांचीपुरम पर कब्जा
स्थापत्य: बादामी की गुफाएं, ऐहोल के मंदिर, पत्तदकल (UNESCO विश्व धरोहर)
राष्ट्रकूट वंश (753–982 ई.):
→ दंतिदुर्ग ने 753 ई. में चालुक्यों को उखाड़ कर स्थापित किया
→ अमोघवर्ष I: महान शासक; जैन धर्म का अनुयायी; 'कविराजमार्ग' — कन्नड़ साहित्य की पहली कृति
→ इंद्र III: सबसे शक्तिशाली; प्रतिहारों को हराकर कन्नौज पर कब्जा
स्थापत्य: एलोरा का कैलाश मंदिर (राष्ट्रकूट कृष्ण I, 756–773) — एकाश्म पत्थर से तराशा गया; विश्व की सबसे बड़ी एकाश्म संरचना
त्रिपक्षीय संघर्ष (8वीं–10वीं सदी)
तीन शक्तियाँ कन्नौज के लिए लड़ीं:
→ पाल (बंगाल-बिहार): धर्मपाल, देवपाल — बौद्ध; विक्रमशिला विश्वविद्यालय
→ प्रतिहार (गुजरात-राजस्थान): वत्सराज, मिहिर भोज — हिंदू; अरब आक्रमणों को रोका
→ राष्ट्रकूट (दक्षिण): द्रविड़ शक्ति
परिणाम: 150+ वर्ष लड़ाई, कोई स्थायी विजेता नहीं; सभी कमजोर हुए → क्षेत्रीय राजवंशों का उदय; इसी कमजोरी का फायदा उठाकर महमूद गजनवी ने आक्रमण किए (997–1030)
बादामी के चालुक्य — विस्तृत
| विषय | विवरण |
|---|
| पुलकेशिन II (610–642) | हर्ष को नर्मदा पर हराया; दक्कन पर पूर्ण नियंत्रण; ह्वेनसांग का दरबार में स्वागत; पल्लव नरसिंहवर्मन ने बादामी पर कब्जा किया (642) और पुलकेशिन का वध |
| ऐहोले अभिलेख | रविकीर्ति (दरबारी कवि) द्वारा रचित; पुलकेशिन II की विजयों का विस्तृत वर्णन; ऐहोले = 'भारतीय मंदिर स्थापत्य का पालना' |
| स्थापत्य — बादामी | गुफा मंदिर (4 गुफाएँ — हिंदू, जैन); बलुआ पहाड़ी पर; शैव, वैष्णव और जैन कला |
| स्थापत्य — पट्टदकल | UNESCO विश्व धरोहर; नागर और द्रविड़ दोनों शैलियों के मंदिर; विरूपाक्ष मंदिर — रानी लोकमहादेवी द्वारा |
| स्थापत्य — ऐहोले | 70+ मंदिर; नागर और द्रविड़ दोनों शैलियों से प्रयोग; दुर्गा मंदिर, लाड खान मंदिर; 'भारतीय मंदिर स्थापत्य की प्रयोगशाला' |
पल्लव वंश — विस्तृत
| विषय | विवरण |
|---|
| महेंद्रवर्मन I | संगीत और कला के महान संरक्षक; 'मत्तविलास प्रहसन' (संस्कृत हास्य नाटक) के रचयिता; गुफा मंदिर शैली प्रारंभ |
| नरसिंहवर्मन I 'महामल्ल' | पुलकेशिन II को हराया (642 ई.); 'वातापीकोण्ड' उपाधि; महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) की स्थापना |
| शोर मंदिर (महाबलीपुरम) | UNESCO विश्व धरोहर; समुद्र तट पर स्थित; द्रविड़ शैली का प्रारंभिक संरचनात्मक मंदिर |
| पंचरथ (महाबलीपुरम) | एकाश्म (monolithic) — धर्मराज, अर्जुन, भीम, नकुल-सहदेव, द्रौपदी रथ; पांडवों के नाम पर |
| कैलासनाथ मंदिर (काँचीपुरम) | नरसिंहवर्मन II द्वारा निर्मित; दक्षिण भारत का प्रारंभिक संरचनात्मक (structural) मंदिर; शिव को समर्पित |
| पल्लव लिपि का प्रभाव | पल्लव लिपि → ग्रंथ लिपि → दक्षिण-पूर्व एशिया में थाई, खमेर, जावानीज़ लिपियाँ विकसित; भारतीय सांस्कृतिक प्रसार का प्रमुख माध्यम |
त्वरित पुनरीक्षण
→ हर्षवर्धन (606–647) = पुष्यभूति वंश; कन्नौज; ह्वेनसांग; नागानंद/रत्नावली/प्रियदर्शिका
→ नालंदा विश्वविद्यालय = बिहार; 10,000+ छात्र; बख्तियार खिलजी (1197) ने नष्ट किया
→ पुलकेशिन II = चालुक्य; हर्ष को नर्मदा पर हराया; पल्लवों से पराजित (642)
→ ऐहोले = 'मंदिर स्थापत्य का पालना'; पट्टदकल = UNESCO; बादामी = गुफा मंदिर
→ नरसिंहवर्मन I = महामल्ल; महाबलीपुरम; पंचरथ; शोर मंदिर (UNESCO)
→ कैलासनाथ मंदिर (काँचीपुरम) = दक्षिण भारत का प्रारंभिक संरचनात्मक मंदिर
→ पल्लव लिपि → ग्रंथ → थाई, खमेर, जावानीज़ लिपियाँ
→ त्रिपक्षीय संघर्ष = पाल (बंगाल) vs प्रतिहार (राजस्थान) vs राष्ट्रकूट (दक्षिण) — कन्नौज के लिए
→ एलोरा का कैलाश मंदिर = राष्ट्रकूट कृष्ण I; एकाश्म (monolithic)