→ स्थापना: 28 दिसंबर 1885; बंबई (गोकुलदास तेजपाल संस्कृत महाविद्यालय)
→ संस्थापक: A.O. ह्यूम (सेवानिवृत्त ब्रिटिश ICS अधिकारी); प्रथम अध्यक्ष — डब्ल्यू.सी. बनर्जी
→ दादाभाई नौरोजी: तीन बार कांग्रेस अध्यक्ष; 'धन का अपवाह सिद्धांत'; 1892 में ब्रिटिश संसद सदस्य बने — प्रथम भारतीय MP; 'पोवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' पुस्तक
→ 'सेफ्टी वाल्व' मत: कुछ इतिहासकार मानते हैं ह्यूम ने भारतीयों की भड़ास निकालने के लिए INC बनाई; लेकिन वास्तव में INC ने असली राष्ट्रवाद को जन्म दिया
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन — स्वतंत्रता की लंबी यात्रा
1885–1947 | तीन चरण: नरमपंथी → गरमपंथी → गांधीवादी | UPSC GS पेपर I
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📋 तीन चरण स्मरण:
→ नरमपंथी चरण (1885–1905): प्रार्थना-याचिका-प्रतिनिधिमंडल; ब्रिटिश न्याय में विश्वास
→ गरमपंथी चरण (1905–1920): बहिष्कार-स्वदेशी-सशस्त्र प्रतिरोध; बाल-पाल-लाल
→ गांधीवादी चरण (1920–1947): जनांदोलन; अहिंसा-सत्याग्रह; असहयोग-सविनय अवज्ञा-भारत छोड़ो
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885)
नरमपंथी चरण (1885–1905)
तरीके: याचिकाएं, प्रस्ताव, प्रतिनिधिमंडल; ब्रिटिश संसद में दबाव; प्रेस अभियान
प्रमुख नेता: दादाभाई नौरोजी, सुरेन्द्रनाथ बनर्जी, गोपाल कृष्ण गोखले, फिरोजशाह मेहता, M.G. रानाडे
उपलब्धियाँ: भारतीय परिषद अधिनियम 1892; ICS परीक्षा में भारतीयों के लिए आयु बढ़ाने की मांग; गोखले ने सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी (1905) स्थापित की
आलोचना: केवल पढ़े-लिखे मध्यम वर्ग तक सीमित; किसान-मजदूर से जुड़ाव नहीं; 'अंग्रेजी न्याय में बहुत अधिक विश्वास'
गरमपंथी चरण (1905–1920)
बंगाल विभाजन (1905): लॉर्ड कर्जन; हिंदू-मुस्लिम विभाजन का षड्यंत्र; देशव्यापी विरोध; स्वदेशी आंदोलन
बाल-पाल-लाल:
→ बाल गंगाधर तिलक: 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है'; गणेशोत्सव-शिवाजी उत्सव से जनजागरण; केसरी (मराठी) पत्र; 1908 में मांडले जेल
→ बिपिन चंद्र पाल (बंगाल): क्रांतिकारी राष्ट्रवाद; पूर्ण स्वतंत्रता के पहले समर्थकों में
→ लाला लाजपत राय (पंजाब): 'पंजाब केसरी'; 1928 में साइमन कमीशन के विरोध में लाठी चार्ज; मृत्यु → 'मेरे शरीर पर पड़ी हर चोट ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत में कील बनेगी'
सूरत विभाजन (1907): नरमपंथी vs गरमपंथी; कांग्रेस में फूट
लखनऊ समझौता (1916): कांग्रेस + मुस्लिम लीग एकजुट; तिलक-जिन्ना गठबंधन
गांधीवादी चरण (1920–1947)
गांधी जी की प्रारंभिक भारतीय सत्याग्रह:
→ चम्पारण सत्याग्रह (1917): बिहार; नील उत्पादकों के विरुद्ध; गांधी का पहला सफल सत्याग्रह
→ खेड़ा सत्याग्रह (1918): गुजरात; अकाल में भू-राजस्व माफी
→ अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918): गांधी का पहला अनशन; मजदूरों की मजदूरी विवाद
| आंदोलन | वर्ष | कारण, तरीके और परिणाम |
|---|---|---|
| असहयोग आंदोलन | 1920–22 | जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919 — जनरल डायर ने 379+ निहत्थों को मारा); रॉलेट एक्ट (1919); ब्रिटिश वस्तु-स्कूल-न्यायालय-उपाधियों का बहिष्कार; खिलाफत आंदोलन से गठजोड़; आंदोलन वापसी: फरवरी 1922 चौरी-चौरा — पुलिस थाने में आग, 22 पुलिसकर्मी मरे; गांधी ने आंदोलन वापस लिया |
| सविनय अवज्ञा आंदोलन | 1930–34 | गांधी जी की 11 मांगें ठुकराई गईं; नमक कानून तोड़ने को चुना; दांडी मार्च: 12 मार्च 1930 — साबरमती से दांडी (गुजरात तट) तक 78 साथियों के साथ 240 मील; नमक बनाया → विश्व भर में चर्चा; गांधी-इरविन समझौता (मार्च 1931); गोलमेज सम्मेलन में भाग (विफल); 1932 में आंदोलन पुनः शुरू |
| भारत छोड़ो आंदोलन | 1942 | क्रिप्स मिशन विफल; जापान का खतरा; गांधी का नारा 'करो या मरो (Do or Die)'; 8 अगस्त 1942 — बम्बई में प्रस्ताव; 9 अगस्त — सभी नेता गिरफ्तार; जनता ने स्वतः संघर्ष किया; भयंकर दमन — 1 लाख+ गिरफ्तार |
क्रांतिकारी राष्ट्रवाद
→ भगत सिंह (1907–1931): HSRA (हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन); लाला जी की मौत का बदला लेने जॉन सॉन्डर्स की हत्या (1928); केंद्रीय विधान सभा में बम फेंका (1929) 'बहरों को सुनाने के लिए'; 23 मार्च 1931 को लाहौर में राजगुरु-सुखदेव के साथ फाँसी
→ चंद्रशेखर आजाद: HSRA प्रमुख; 'आजाद' — हमेशा आजाद; 1931 में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में स्वयं को गोली मारी
→ नेताजी सुभाष चंद्र बोस: INC अध्यक्ष 1938–39; मतभेद के बाद इस्तीफा; फॉरवर्ड ब्लॉक (1939); भारत से भागे; जर्मनी होते हुए सिंगापुर पहुंचे; आजाद हिंद फौज (INA) स्थापित; 'दिल्ली चलो' नारा; 18 अगस्त 1945 को रहस्यमय विमान दुर्घटना में मृत्यु
स्वतंत्रता और विभाजन (1947)
→ कैबिनेट मिशन (1946): तीन ब्रिटिश मंत्री; भारत संघ का प्रस्ताव; विफल
→ माउंटबेटन योजना (3 जून 1947): लॉर्ड माउंटबेटन; भारत और पाकिस्तान के विभाजन की घोषणा
→ भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (18 जुलाई 1947): 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता; रेडक्लिफ रेखा ने पंजाब और बंगाल को विभाजित किया; ~1.4 करोड़ लोगों का विस्थापन — मानव इतिहास का सबसे बड़ा आव्रजन
→ प्रथम प्रधानमंत्री: जवाहरलाल नेहरू; उनका 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' भाषण — "जब दुनिया सोती है, हम जागेंगे और स्वतंत्रता पाएंगे"
→ गांधी जी: स्वतंत्रता के समय दिल्ली नहीं — कलकत्ते में (हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के लिए अनशन पर)
किसान और जनजातीय आंदोलन
| आंदोलन (वर्ष) | नेता / क्षेत्र | विवरण |
|---|---|---|
| संथाल विद्रोह (1855–56) | सिद्धू और कान्हू मुर्मू | ज़मींदारों और साहूकारों के खिलाफ; राजमहल की पहाड़ियाँ; अंग्रेजों ने क्रूरता से दबाया |
| नील विद्रोह (1859–60) | बंगाल के नील किसान | नील की जबरन खेती के खिलाफ; दीनबंधु मित्र ने 'नील दर्पण' नाटक लिखा |
| बिरसा मुंडा विद्रोह (1899–1900) | बिरसा मुंडा — 'धरती आबा' | अंग्रेजों और बाहरी लोगों (दिकुओं) के खिलाफ; छोटानागपुर; 1900 में जेल में मृत्यु |
| मोपला विद्रोह (1921) | मालाबार, केरल | मुसलमान किसान बनाम ज़मींदार और ब्रिटिश; खिलाफत से प्रभावित; भयंकर हिंसा |
| तेभागा आंदोलन (1946) | बंगाल — बटाइदार किसान | बटाइदारों ने फसल का 2/3 हिस्सा माँगा; कम्युनिस्ट पार्टी का नेतृत्व |
| तेलंगाना विद्रोह (1946–51) | हैदराबाद — निज़ाम के खिलाफ | किसान विद्रोह; जमींदारी-वेठबेगारी के विरुद्ध; सशस्त्र संघर्ष; स्वतंत्रता के बाद सेना ने दबाया |
INA मुकदमे और युद्धोत्तर घटनाएँ
→ लाल किला मुकदमा (नवंबर 1945): INA के तीन अधिकारियों (शाहनवाज़ खान, प्रेम कुमार सहगल, गुरदयाल सिंह ढिल्लन) पर मुकदमा; पूरे देश में जन समर्थन; जवाहरलाल नेहरू ने स्वयं बचाव-पक्ष के वकील के रूप में पैरवी की
→ रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह (फ़रवरी 1946): बंबई में भारतीय नौसैनिकों का विद्रोह; 78 जहाज़ और 20,000+ नौसैनिक शामिल; ब्रिटिश शासकों को भारतीय सशस्त्र बलों पर भरोसा नहीं रहा — स्वतंत्रता की प्रक्रिया तेज हुई
→ सांप्रदायिक निर्णय (1932) और पूना पैक्ट: रैम्से मैक्डोनॉल्ड द्वारा दलितों को पृथक निर्वाचक मंडल; गांधी जी ने आमरण अनशन किया; आंबेडकर से समझौता — दलितों को आरक्षित सीटें लेकिन संयुक्त निर्वाचक मंडल
→ वेवल योजना (1945): शिमला सम्मेलन; वायसराय की कार्यकारी परिषद का भारतीयकरण; जिन्ना की हठधर्मिता से विफल
त्वरित पुनरीक्षण
📝 एक नज़र में याद रखें:
→ INC स्थापना — 1885, A.O. ह्यूम, बंबई
→ बंगाल विभाजन — 1905, लॉर्ड कर्जन
→ जलियांवाला बाग — 13 अप्रैल 1919
→ असहयोग — 1920; चौरी-चौरा 1922 → वापस
→ दांडी मार्च — 12 मार्च 1930
→ भारत छोड़ो — 8 अगस्त 1942; 'करो या मरो'
→ INA — नेताजी बोस; 'दिल्ली चलो'
→ नौसेना विद्रोह — फ़रवरी 1946
→ स्वतंत्रता — 15 अगस्त 1947
→ संथाल (1855), बिरसा मुंडा (1899), तेभागा (1946), तेलंगाना (1946–51)
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