→ सगुण भक्ति: ईश्वर के सगुण (साकार) रूप की पूजा — विष्णु, राम, कृष्ण; तमिल अलवार, रामानुज, तुलसीदास, सूरदास
→ निर्गुण भक्ति: निराकार, अव्यक्त ईश्वर की उपासना; जाति-पाँति का विरोध; कबीर, नानक, रविदास
→ उद्देश्य: ईश्वर से सीधा संबंध (बिना पंडित-पुजारी के); ऊंच-नीच का विरोध; स्त्री-शूद्र को भी मुक्ति का अधिकार
→ प्रारंभ: दक्षिण भारत से (7वीं सदी); उत्तर भारत में 15वीं-16वीं सदी में चरमोत्कर्ष
भक्ति और सूफी आंदोलन
7वीं–17वीं सदी | सगुण-निर्गुण भक्ति | चिश्ती-सुहरावर्दी सिलसिले | UPSC GS पेपर I
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भक्ति आंदोलन — परिचय
अलवार और नयनार
| वर्ग | देवता | संख्या | रचनाएं |
|---|---|---|---|
| अलवार | विष्णु भक्त (वैष्णव) | 12 संत | प्रबंधम — 4000 भक्ति गीत; 'वेदांत के दिव्य' कहलाए |
| नयनार | शिव भक्त (शैव) | 63 संत | तेवारम (शैव भजन); थिरुमुरई ग्रंथ |
उत्तर भारत के भक्त संत
| संत | काल | मुख्य शिक्षाएं |
|---|---|---|
| रामानंद | 14वीं सदी | वैष्णव भक्ति को उत्तर भारत में लाए; निम्न जातियों को शिष्य बनाया; कबीर, रैदास उनके शिष्य |
| कबीर | 1440–1518 | निर्गुण; हिंदू-मुस्लिम दोनों की अंधश्रद्धा की आलोचना; 'दोहे'; जुलाहा (बुनकर) जाति; 'बीजक'; कहते थे — 'मोको कहां ढूंढे रे बंदे' |
| गुरु नानक | 1469–1539 | सिख धर्म के संस्थापक; इकईश्वरवाद; जाति का विरोध; 'एक ओंकार'; 'गुरु ग्रंथ साहिब' में उनकी वाणी |
| मीराबाई | 16वीं सदी | राजस्थान; कृष्ण-भक्ति; 'भजन'; 'मेरे तो गिरिधर गोपाल'; पति की मृत्यु के बाद वृंदावन-द्वारका यात्रा |
| तुलसीदास | 1532–1623 | 'रामचरितमानस' — अवधी हिंदी में; 'हनुमान चालीसा'; काशी; सगुण राम-भक्ति |
| सूरदास | 1478–1583 | श्री कृष्ण भक्ति; 'सूरसागर' — कृष्ण बाललीला; अंधे कवि; आगरा-मथुरा क्षेत्र |
| चैतन्य महाप्रभु | 1486–1534 | बंगाल; कृष्ण-भक्ति का भावनात्मक आंदोलन; कीर्तन; 'गौड़ीय वैष्णवधर्म' की नींव |
सूफी आंदोलन
→ सूफीवाद: इस्लाम की रहस्यवादी शाखा; ईश्वर से तत्काल प्रेम संबंध; खानकाह — केंद्र; पीर-मुरीद परंपरा
| सिलसिला | प्रमुख संत | विशेषता |
|---|---|---|
| चिश्ती | ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती (अजमेर); निजामुद्दीन औलिया (दिल्ली); बख्तियार काकी | सबसे लोकप्रिय; संगीत (कव्वाली) का प्रयोग; हिंदुओं से घनिष्ठ संबंध; राज्य से दूरी |
| सुहरावर्दी | शेख बहाउद्दीन जकारिया (मुल्तान) | राज्य से संपर्क रखा; पंजाब-सिंध में |
| कादिरी | शाह नियाज अहमद | दक्षिण और पश्चिम भारत में प्रमुख |
| नक्शबंदी | ख्वाजा बाकी-बिल्लाह; शेख अहमद सरहिंदी (मुजद्दिद अल्फ सानी) | अकबर की उदारता का कड़ा विरोध; रूढ़िवादी इस्लाम; औरंगजेब पर प्रभाव |
अमीर खुसरो (1253–1325): निजामुद्दीन औलिया के शिष्य; 'हिंदवी/खड़ी बोली' के जनक; तबला और सितार का आविष्कार (लोकप्रिय मान्यता); 'कव्वाली' को लोकप्रिय बनाया; 'तोता-ए-हिंद' (भारत का तोता) की उपाधि
दार्शनिक आचार्य
| आचार्य | काल | दर्शन | मुख्य विशेषताएँ |
|---|---|---|---|
| शंकराचार्य | 788–820 | अद्वैत वेदांत | ब्रह्म ही सत्य, जगत माया; 4 मठ स्थापित (श्रृंगेरी, द्वारका, पुरी, बद्रीनाथ) |
| रामानुजाचार्य | 1017–1137 | विशिष्टाद्वैत | भक्ति मोक्ष का मार्ग; ब्रह्म सगुण और विशिष्ट |
| मध्वाचार्य | 1238–1317 | द्वैत वेदांत | ईश्वर और जीव सदा भिन्न; विष्णु सर्वोच्च |
| रामानंद | 1400–1476 | वैष्णव भक्ति | उत्तर भारत के प्रथम महान भक्त; सभी जातियों के शिष्य — कबीर, रैदास |
अन्य महत्वपूर्ण भक्त संत
| संत | क्षेत्र / काल | विशेषताएँ |
|---|---|---|
| बसवेश्वर | कर्नाटक, 12वीं सदी | लिंगायत/वीरशैव आंदोलन; अनुभव मंटप (आध्यात्मिक संसद); वचन साहित्य |
| लल्लदेद | कश्मीर, 14वीं सदी | कश्मीरी शैव कवयित्री; वाख (पद); हिंदू-मुसलमान दोनों में पूज्य |
| दादू दयाल | राजस्थान, 1544–1603 | निर्गुण; दादू पंथ; मूर्तिपूजा और जाति का विरोध |
| नामदेव | महाराष्ट्र, 1270–1350 | विठ्ठल भक्त; मराठी और हिंदी; गुरु ग्रंथ साहिब में रचनाएँ |
| ज्ञानेश्वर | महाराष्ट्र, 1275–1296 | ज्ञानेश्वरी (गीता की मराठी टीका); मात्र 21 वर्ष की आयु में! |
भक्ति-सूफ़ी आंदोलनों का प्रभाव
सामाजिक सुधार: जाति व्यवस्था को चुनौती; महिला संतों (मीराबाई, अक्क महादेवी, लल्लदेद) ने लिंग भेद तोड़ा; निम्न जातियों के संतों — कबीर, रैदास, नामदेव — ने समानता का संदेश दिया
धार्मिक समन्वय: हिंदू-मुसलमान एकता; कबीर और नानक ने दोनों संप्रदायों की कट्टरता की आलोचना की; सूफ़ी दरगाहें सभी धर्मों के लोगों के लिए खुली रहीं
क्षेत्रीय भाषाओं का विकास: हिंदी, मराठी, बंगाली, पंजाबी, तमिल — ये सभी भक्ति साहित्य के कारण साहित्यिक भाषाएँ बनीं; संस्कृत और अरबी/फ़ारसी का एकाधिकार टूटा
संगीत: क़व्वाली, ख़याल, भजन, कीर्तन, अभंग — सब भक्ति/सूफ़ी परंपरा से विकसित; अमीर खुसरो ने क़व्वाली को लोकप्रिय बनाया; संगीत आज भी भारतीय संस्कृति की धरोहर
त्वरित पुनरीक्षण
→ भक्ति आंदोलन दक्षिण भारत (7वीं सदी) से शुरू → अलवार (विष्णु), नयनार (शिव)
→ शंकराचार्य = अद्वैत | रामानुज = विशिष्टाद्वैत | मध्वाचार्य = द्वैत
→ कबीर = निर्गुण, दोहे, बीजक | गुरु नानक = सिख धर्म, गुरु ग्रंथ साहिब
→ मीराबाई = कृष्ण भक्ति, राजस्थान | तुलसीदास = रामचरितमानस
→ चैतन्य = बंगाल, कीर्तन | सूरदास = सूरसागर, कृष्ण बाललीला
→ सूफ़ी = इस्लाम की रहस्यवादी शाखा; खानकाह, पीर-मुरीद
→ चिश्ती (अजमेर, दिल्ली) = सबसे लोकप्रिय | नक्शबंदी = रूढ़िवादी
→ अमीर खुसरो = निजामुद्दीन औलिया के शिष्य; खड़ी बोली, क़व्वाली
→ बसवेश्वर = लिंगायत | नामदेव = विठ्ठल | ज्ञानेश्वर = ज्ञानेश्वरी
→ भक्ति-सूफ़ी → जाति विरोध, हिंदू-मुस्लिम एकता, क्षेत्रीय भाषाओं का उत्थान
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